हरियाणा अब विकास की नई कहानी लिखने जा रहा है—और इस बार तरीका पूरी तरह अलग है। प्रदेश सरकार ने 71 शहरों को आधुनिक ढांचे में ढालने के लिए 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने का मेगा प्लान तैयार किया है।
सबसे बड़ा बदलाव यही है कि यहां जमीन का जबरन अधिग्रहण नहीं होगा। यानी न कोई दबाव, न विवाद—सिर्फ किसानों की मर्जी और उनकी तय कीमत पर सीधी डील।
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-भूमि पोर्टल लॉन्च किया है। यहां किसान खुद आगे आकर अपनी जमीन बेचने की पेशकश करेंगे और अपनी “मुंहमांगी कीमत” दर्ज करेंगे। अगर सरकार को जमीन की लोकेशन और कीमत सही लगती है, तो खरीद तुरंत फाइनल हो सकती है। जरूरत पड़ने पर मोलभाव का ऑप्शन भी खुला रहेगा।
इस योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा—
पहले चरण में 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदी जाएगी
दूसरे चरण में 17 शहरों के लिए करीब 47 हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी ।
बता दें कि हरियाणा सरकार का यह मॉडल न सिर्फ विकास को रफ्तार देगा, बल्कि किसानों को भी उनकी जमीन का बेहतर और सम्मानजनक मूल्य दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
हरियाणा का मास्टरस्ट्रोक: बिना अधिग्रहण 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदेगी सरकार ।

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