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आतंकियों के साथ ही आतंकी विचार को भी करना होगा खत्म पाक को सिखाना होगा सबक……. डॉ मनोज कुमार शुक्ला

नई दिल्ली/पहलगाम। जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की नापाक इरादों देखने को मिले शनिवार को हुए इस हमले में आतंकियों ने घूमने गए पर्यटकों को निशाना बनाया प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों का हाथ है, जो अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाकर घाटी में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CSS) की आपात बैठक बुलाई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख और शीर्ष खुफिया अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सीमा पार से हो रही घुसपैठ, स्थानीय आतंकी मॉड्यूल्स की भूमिका, और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को हर स्तर पर सतर्क रहने और खुफिया नेटवर्क को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “भारत अब सिर्फ बयान नहीं देता, जवाब देता है। आतंकवाद को लेकर हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। यह नया भारत है, जो हर साजिश को नाकाम करना जानता है।”

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इस समय जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय है। अमरनाथ यात्रा को असफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार और सुरक्षाबल पूरी तरह से सतर्क और तैयार हैं।

घटना के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। ड्रोन के जरिए पहलगाम और अमरनाथ यात्रा रूट पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हर 5 किलोमीटर पर चेकिंग प्वाइंट्स बनाए गए हैं, और संचार नेटवर्क को भी बेहतर किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह साजिश उलटी पड़ सकती है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने LOC पर कई आतंकी साजिशों को विफल किया है और दर्जनों घुसपैठियों को मार गिराया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब घाटी में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी और अमन-चैन लौटता दिख रहा था। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला भारत की स्थिरता और विकास को बाधित करने का सुनियोजित प्रयास है, जिसे भारतीय सुरक्षा बल हर मोर्चे पर विफल कर रहे हैं।

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