नई दिल्ली । विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर विवेक विहार स्थित श्री हनुमान बालाजी मंदिर में आयोजित 62वें रक्तदान शिविर में जनसेवा और मानव कल्याण का प्रेरणादायक स्वरूप देखने को मिला। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने भाग लेकर 305 यूनिट रक्तदान किया। यह रक्त विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
शिविर का आयोजन सनातनी विनोद बिंदल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान के लिए लोगों का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि समाज में मानव सेवा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
इस अवसर पर सनातनी विनोद बिंदल ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा दान है, जो सीधे किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जब किसी मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध हो जाता है तो उसके परिवार को भी नई उम्मीद मिलती है। इसी सोच के साथ मंदिर द्वारा वर्षों से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि श्री हनुमान बालाजी मंदिर में आयोजित यह 62वां रक्तदान शिविर था। मंदिर परिसर में हर वर्ष तीन बार रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं और प्रत्येक शिविर में समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग प्राप्त होता है। इस बार भी लोगों की सक्रिय भागीदारी से 305 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
शिविर में जीटीबी अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने रक्त संग्रह का कार्य किया। सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित तरीके से रक्त एकत्रित किया गया। आयोजन स्थल पर आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
सनातनी विनोद बिंदल ने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी समय उत्पन्न हो सकती है और इसका कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपना दायित्व निभाना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर रक्तदाताओं, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों का सम्मान किया गया। साथ ही घोषणा की गई कि मंदिर परिसर में अगला रक्तदान शिविर 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

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