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जनसभा में आनंद मोहन का बड़ा खुलासा, सत्ता पर उठाए सवाल

बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान ने हलचल मचा दी है। नालंदा के मोरा तालाब में आयोजित जनसभा में आनंद मोहन ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी और सत्ता संचालन से लेकर हालिया घटनाओं तक कई सवाल खड़े किए।

बता दें कि जनसभा को संबोधित करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि वे किसी पुत्र या पत्नी मोह में राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के सवालों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना नेता नहीं, बल्कि बड़ा भाई बताते हुए कहा कि दोनों का राजनीतिक सफर जेपी आंदोलन से शुरू हुआ था।
आनंद मोहन ने कहा, “मैं उनका चमचा नहीं हूं, भाई हूं और भाई को भाई से ज्यादा मोहब्बत होती है।” उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।

सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि जब एनडीए ने ‘2025 से 30, फिर से नीतीश’ का नारा दिया था और सरकार सुचारू रूप से चल रही थी, तो आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि रातों-रात मुख्यमंत्री पद में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने इसे जनादेश और लोकतंत्र के साथ अन्याय बताया।

अपने संबोधन के दौरान आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए सत्ता के शीर्ष पर बैठे कुछ लोगों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के लिए वर्षों तक संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिलता, जबकि पर्दे के पीछे काम करने वाले कुछ लोगों ने सत्ता का दुरुपयोग कर करोड़ों-अरबों रुपये का आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

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