Health

Fit India 2.0 से शुरू हुई नई मुहिम, डॉ. सुनीता दुबे का भारत लाइफसेवर मिशन

नई दिल्ली । उपचार आधारित व्यवस्था से आगे बढ़कर रोकथाम आधारित स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने का आह्वान करते हुए रेडियोलॉजिस्ट एवं मेडस्केपइंडिया मेडिकल एजुकेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन तथा स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा रोकने के राष्ट्रीय अभियान की अग्रणी नेता डॉ. सुनीता दुबे ने 9वें फिट इंडिया नेशनल डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव 2026 में फिटइंडिया 2.0 आंदोलन के अगले चरण का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मेडस्केपइंडिया ने ‘ग्रांट थॉर्नटन भारत’ के नॉलेज पार्टनरशिप में तैयार “प्रिवेंशन ऑफ असॉल्ट ऑन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स” विषयक व्हाइट पेपर जारी किया। साथ ही देशभर के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थकेयर सेफ्टी रेड अलर्ट एवं डी-एस्केलेशन सिस्टम भी लॉन्च किया गया।

नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस कॉन्क्लेव में मेडस्केपइंडिया फाउंडेशन के 21 वर्ष तथा फिट इंडिया हेल्थकेयर मूवमेंट के 12 वर्ष पूरे होने का भी उत्सव मनाया गया। इस राष्ट्रीय आयोजन में 500 से अधिक स्वास्थ्य क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों तथा 58 से अधिक राष्ट्रीय चिकित्सा संगठनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में श्री रामदास आठवले, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री; डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ, अध्यक्ष, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), डॉ. किरण बेदी, पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल एवं भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी, कलगे शिवजी बंडप्पा, मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट तथा डॉ. हर्षवर्धन, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सहित अनेक विशिष्ट सांसदों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अपने संबोधन में डॉ. सुनीता दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य आंदोलन अब फिटइंडिया 2.0 के रूप में विकसित हो चुका है, जो “डॉक्टरों के नेतृत्व वाला, नागरिकों के स्वामित्व वाला और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप” एक ऐसा मिशन है, जिसका उद्देश्य भारत को अधिक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बनाना है।

कॉन्क्लेव की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक नेशनल हेल्थकेयर सेफ्टी रेड अलर्ट एवं डी-एस्केलेशन सिस्टम का शुभारंभ रहा। यह प्रणाली देशभर में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर भारत लाइफसेवर मिशन का भी शुभारंभ किया गया. देशभर से आए स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने नेशनल सिग्नेचर सेरेमनी में भाग लेते हुए रोकथाम, सीपीआर जागरूकता, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत टारा कैंसर इनिशिएटिव की शुरुआत की गई. जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना डॉ. दुबे ने वर्ष 2030 तक भारत में सीपीआर साक्षरता को लगभग 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का राष्ट्रीय लक्ष्य घोषित किया, ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहुंचने से पहले अधिक से अधिक नागरिक जीवन बचाने में सक्षम बन सकें।

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