गीता का दिव्य संदेश: आत्मबोध से समाज कल्याण तक का सफर

सुकीर्ति गुप्ता “न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते” श्रीमद्भगवद्गीता का यह दिव्य वचन केवल श्लोक नहीं, बल्कि जीवन का सार है। जब किसी साधारण मन में

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सफल जीवन का रोडमैप: प्रो. पुष्पेंद्र कुमार आर्यम की पुस्तक ‘सप्तदशक सूत्रम’

सफलता सभी को चाहिए । सभी जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं । भले ही हर एक के लिए सफलता की परिभाषा और पैमाने अलग-अलग हैं लेकिन अपने जीते जी वह इसस

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