National

जियो हैप्टिक ने बेहतर अनुवाद प्रदान करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी की

नई दिल्ली : दुनिया की सबसे बड़ी संवादात्मक एआई (कंवर्सेश्नल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) कंपनियों में से एक, जियो हैप्टिक अनुवाद के लिए माइक्रोसॉफ्ट ऐशर कॉग्निटिव सर्विसेज का उपयोग कर रही है। इससे हिन्दी में बात-चीत के मौजूदा एआई मॉडल और शुद्धता को बेहतर किया जा रहा है। उद्योग में अग्रणी यह एआई अनुवाद मॉडल हिंदी, अंग्रेजी और यहाँ तक कि हिंग्लिश में भी शुरू से अंत तक बातचीत को आसान बनाता है। यह उपयोगकर्ताओं को जियो मोबिलिटी में इंटेलिजेंट वर्चुअल असिस्टेंट के साथ चैट करने की सुविधा देने वाला एक अभिन्न अंग है। इस अनूठे मॉडल ने जियो मोबिलिटी टीम को स्थानीय भाषा के प्रश्नों को 2.5 गुणा तक बढ़ाकर कई श्रेणियों में सहायता प्रदान करने में मदद की है और मानव हस्तक्षेप को भी 80 प्रतिशत तक कम किया है।

सामान्य अनुवाद के मॉडल लंबे समय से बाजार में मौजूद हैं, लेकिन वे व्याकरण संबंधी त्रुटियों से निपटने में सक्षम नहीं हैं। इसी तरह अव्यवस्थित वाक्य, जो बोलचाल में आम हैं पर लिखे नहीं जाते, उसमें भी ये अक्षम हैं और इसलिए अच्छा प्रदर्शन नहीं हो पाता है। हालाँकि, जियो हैप्टिक द्वारा संचालित यह वन-स्टॉप समाधान और ऐशर कॉग्निटिव सर्विसेज देवनागरी व रोमन लिपि (हिंग्लिश) में हिंदी भाषा के काम करता है। इससे उपयोगकर्ता छोटे वाक्यों और डोमेन-विशिष्ट वार्तालापों के लिए उच्च सटीकता पर काम करते हुए भाषाओं के बीच बदली कर सकते हैं।

जियो मोबिलिटी के साथ, हैप्टिक तीन प्लेटफॉर्म – माई जियो ऐप, जियो वेबसाइट और व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट में चैटबॉट की सुविधा देता है। इस समाधान ने जियो मोबिलिटी को उपभोक्ताओं से हिंदी/हिंग्लिश में 2 मिलियन से ज्यादा बातचीत में शामिल होने में मदद की है। इसमें मानवीय हस्तक्षेप में 80% की कमी और स्थानीय प्रश्नों में 2.5 गुणा वृद्धि हुई है।

समाधानों और माइक्रोसॉफ्ट ऐशर के साथ गठजोड़ पर बोलते हुए, जियो हैप्टिक के सीपीओ, प्रफुल्ल कृष्णा ने कहा कि, “हैप्टिक वर्तमान में 130 भाषाओं को सपोर्ट करता है। यह भाषा की सभी बाधाओं को दूर करने पर हमारे ध्यान से प्रेरित है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके ग्राहक कौन सी भाषा बोलते हैं; उनके पास हमेशा आपके ब्रांड के साथ उस भाषा में बातचीत करने का विकल्प होना चाहिए। आज बाजार में अधिकांश अन्य अनुवाद उपकरण विशिष्ट उद्देश्यों के लिए बनाए गए हैं – एक पुस्तक, एक लेख या सिर्फ एक छोटे से वाक्यांश का अनुवाद करना। हालाँकि, बातचीत करने वाले एआई के लिए अनुवाद की ऐसी तकनीक आवश्यक है जो स्वाभाविक और बहुत अधिक शक्तिशाली हो। यह वाक्यों के पीछे के अर्थ को समझने में सक्षम होना चाहिए, वर्तनी की गलतियों को पहचानना और सटीक प्रतिक्रिया देने के लिए कठबोली, बोलचाल, और अनुचित व्याकरण के अन्य रूपों का प्रक्रमण करने में सक्षम चाहिए। यह वह जगह है जहाँ अन्य उपकरणों की कमी थी, और जहाँ माइक्रोसॉफ्ट के साथ हमारा सहयोग – और एशर कॉग्निटिव सर्विसेज का उपयोग आता है। हम माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से अपने प्राकृतिक भाषा स्टैक को और विकसित करने और इसी तरह की चुनौतियों को हल करने के लिए एकीकृत मॉडल का पता लगाने के लिए उत्सुक हैं।”

इस पर टिप्पणी करते हुए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, इरीना घोष ने कहा, “व्यावसायिक संगठन अपने ग्राहकों के साथ पूरे क्षेत्र में उनकी भाषा में बातचीत करने और सहज बहुभाषी अनुभव प्रदान करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। जियो हैप्टिक के सहयोग से, माइक्रोसॉफ्ट ने इस अत्याधुनिक भाषा मॉडल को बनाने के लिए मोनोलिंगुअल और मल्टीलिंगुअल दोनों से डेटा से ट्रांसफर लर्निंग का लाभ उठाकर उपयोगकर्ताओं के लिए स्थानीय सपोर्ट को सक्षम किया है। हमारे एकीकृत प्रयासों ने जियो मोबिलिटी के कस्टमर केयर फीचर को हिंदी और हिंग्लिश में एक तरह की संवादात्मक’ सेवा प्रदान करने में मदद की है।

जियो हैप्टिक संवादात्मक एआई के उद्योग में बाजार में अग्रणी है। रिलायंस जियो प्लैटफॉर्म की सहायक कंपनी के रूप में, जियो हैप्टिक कंपनियों को विभिन्न भाषाओं और चैनलों में अपने उपयोगकर्ताओं के साथ संवाद करने और जुड़ने की अनुमति देता है

Comment here