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बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इंडियन नेशनल बास्केटबॉल लीग के लिए की बड़ी घोषणा

नई दिल्ली : भारतीय बास्केटबॉल के लिए बड़ा पल आ गया है। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने इंडियन नेशनल बास्केटबॉल लीग (आईएनबीएल) 5×5 की घोषणा की है जिसमें जनवरी 2023 में प्लेऑफ में जाने से पहले बेंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता की टीमें 3 राउंड में एक-दूसरे से भिड़ेंगी। टीमों और व्यक्तियों के लिए 50 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि दांव पर लगी है।

बीएफआई के एमएलसी अध्यक्ष और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष डॉ. के. गोविंदराज ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “इस दिन को भारतीय बास्केटबॉल के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अंकित किया जाना चाहिए। हम उस चीज की शुरुआत करने जा रहे हैं जो भारत में बास्केटबॉल के लाखों प्रशंसकों का सपना रहा है। यह फार्मेट भारत के उन शहरों में एक-दूसरे के खिलाफ खेलने वाली स्थानीय टीमों पर ध्यान केंद्रित करता है जो बास्केटबॉल के कहीं अधिक सक्रिय केंद्र हैं और जो यह सुनिश्चित करेगा कि अगले स्तर पर जाने से पहले जमीनी स्तर पर सैकड़ों प्रतिभाओं का मूल्यांकन हो सके।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वर्ष पूर्व में हमने आईएनबीएल 3×3 सीजन-1 की शुरुआत की और इसका सफल आयोजन किया, जिसमें देशभर के 20 शहरों में 9,000 से अधिक खिलाड़ी अपना जलवा बिखेरते दिखाई दिए। इसे लेकर खिलाड़ियों ने जैसी जबरदस्त प्रतिक्रिया दिखाई उससे साबित होता है कि भारत में बास्केटबॉल की कितनी अपार संभावनाएँ हैं। बीएफआई का वर्तमान लक्ष्य भारतीय राष्ट्रीय टीमों को 2027 के फीबा (एफआईबीए) बास्केटबॉल विश्व कप और उसके बाद संभवतः ओलंपिक में खेलने के लिए तैयार करना है। और ये सारी चीजें जो अभी की जा रही हैं और जैसी कि योजना बनाई गई है उससे मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सही रास्ते पर जा रहे हैं।”


बीएफआई के महासचिव चंदर मुखी शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा, “आखिरकार, यह राष्ट्रीय महासंघ की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि खिलाड़ियों और कोचों के लिए पर्याप्त प्रतिस्पर्धा हो और साथ ही समर्थकों और प्रशंसकों को पर्याप्त मनोरंजन भी उपलब्ध हो। मुझे विश्वास है कि आईएनबीएल 5×5, भारत में जिसका पहली बार प्रयास किया जा रहा है, दोनों ही उद्देश्यों को पूरा करेगा। पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय टीम और राष्ट्रीय शिविरों का हिस्सा रहे खिलाड़ियों को एक साथ एकत्र किया जाएगा और उन्हें टीमों के बीच बांटा जाएगा ताकि कोर्ट पर जबरदस्त खेल देखने को मिले।” उन्होंने आगे कहा, “अंडर-16 टीम फीबा (एफआईबीए) अंडर-16 एशियन चैम्पियनशिप में अभूतपूर्व ढंग से पाँचवें नंबर पर रही और सीनियर टीम ने भी फीबा बास्केटबॉल विश्व कप क्वालीफायर मुकाबलों में निरंतर बढ़िया प्रदर्शन किया। ये सभी भारतीय बास्केटबॉल के लिए अत्यंत उत्साहजनक संकेत हैं।”
दिल्ली, पुणे और कटक में 6 टीमें 3 राउंड में आपस में मुकाबला करेंगी। पहला राउंड दिल्ली में 12-16 अक्टूबर के बीच और दूसरा राउंड दो हफ्ते बाद 26-30 अक्टूबर से कटक में खेला जाएगा। तीसरा राउंड 14-18 दिसंबर के बीच पुणे में होगा। प्लेऑफ का आयोजन 11-15 जनवरी के बीच बेंगलुरु में किया जाएगा। प्रत्येक राउंड 5 दिनों का होगा जिसमें 6 टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर एक बार सभी शेष टीमों के खिलाफ मुकाबला करेंगी। तीन राउंडों में उनके प्रदर्शन को जोड़कर अंतिम रैंकिंग तैयार की जाएगी जो उनके प्लेऑफ में जाने का आधार बनेगा।
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय एफआईबीए कार्यक्रमों के शीर्ष आयोजक के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
फीबा महिला एशियाई कप-2017 की मेजबानी से आरंभ करते हुए बीएफआई ने उसी वर्ष 2017 फीबा अंडर-16 महिला एशियाई चैम्पियनशिप-2017 की मेजबानी की और उसके बाद अगले वर्ष 2018 फीबा अंडर-18 महिला एशियाई चैम्पियनशिप की मेजबानी की। 2019 में, बीएफआई 2019 फीबा महिला एशिया कप का मेजबान था और उसने हाल ही में 2022 फीबा अंडर-18 महिला एशियाई चैम्पियनशिप की मेजबानी की है।
के. गोविंदराज ने कहा, “फीबा एशिया और फीबा मानकों को संतुष्ट करनेवाले इन प्रमुख आयोजनों की सफल मेजबानी ने साबित कर दिया है कि बीएफआई अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल स्पर्धाओं का एक बेहद सक्षम और कुशल मेजबान है”, जिन्हें 2019 में नेशनल फेडरेशंस के लिए फीबा प्रेसिडेंशियल मेडल से सम्मानित किया गया। .
श्री शर्मा ने कहा : “बीएफआई ने विभिन्न कोचिंग क्लीनिकों और फीबा तथा साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के विकास कार्यक्रमों के माध्यम से कोचों के ज्ञान और क्षमता में सुधार करने में भी सक्रिय रुचि ली है। हमने इस बात के लगातार प्रयास किए हैं कि हमारे रेफरी और तकनीकी अधिकारीगण दुनियाभर में प्रचलित नवीनतम नियमों और दिशा-निर्देशों से अवगत रहें।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि आईएनबीएल 5×5 पिछले आठ वर्षों या कुछ इतने ही समय में भारतीय बास्केटबॉल में हासिल किए गए समग्र सुधार को प्रदर्शित करेगा।”
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया या बीएफआई भारत में बास्केटबॉल का शासी और नियंत्रण निकाय है और सभी स्तरों पर खेल के विकास और प्रचार के लिए जिम्मेदार है। इस दिशा में, बीएफआई तीन प्रमुख पहल करता है : (1) राष्ट्रीय टीमों का विकास और आयोजन (सीनियर, अंडर-18, अंडर-16, अंडर-14), (2) स्काउटिंग और प्रतिभा पहचान के लिए एक मंच के रूप में 5×5 के साथ-साथ 3×3 प्रारूपों में राष्ट्रीय लीग, राष्ट्रीय चैंपियनशिप और फेडरेशन कप आयोजित करना, और (3) अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल संघ यानी फीबा के सहयोग से कोचिंग प्रमाणन पाठ्यक्रमों के संचालन के जरिये खेल को जमीनी स्तर से ऊपर की ओर विकसित करना। युवा मामले और खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण।

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