नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ श्रेष्ठा आईटी (Shrestha IT) युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रहा है।
संस्थान के संस्थापक एवं CEO सागर श्रेष्ठा ने बताया कि कॉलेज की शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने के लिए विद्यार्थियों को लाइव प्रोजेक्ट्स, आधुनिक तकनीकों और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, फाइनेंस और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में AI और डेटा साइंस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में इन तकनीकों में दक्ष युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार AI नौकरियां खत्म करने के बजाय काम करने के तरीके को बदल रहा है और नई तकनीकों को सीखने वाले युवा भविष्य में अधिक अवसर हासिल कर सकेंगे।
सागर श्रेष्ठा ने बताया कि डेटा साइंस की शुरुआत करने वाले विद्यार्थियों को एक्सेल, SQL और पाइथन जैसी बेसिक तकनीकों पर मजबूत पकड़ बनाने के बाद स्टैटिस्टिक्स, मशीन लर्निंग और AI टूल्स पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कंपनियां अब केवल डिग्री या सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि उम्मीदवार की प्रैक्टिकल क्षमता, प्रोजेक्ट्स और समस्या समाधान कौशल को अधिक महत्व देती हैं।
श्रेष्ठा आईटी में विद्यार्थियों को लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, इंटरव्यू तैयारी, रिज्यूमे बिल्डिंग, GitHub पोर्टफोलियो और आधुनिक AI तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे वास्तविक इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए लगातार नई स्किल्स सीखते रहना ही सफलता की कुंजी है।
Shrestha IT के फाउंडर एंड सीईओ सागर श्रेष्ठा ने बताया AI में Career बनाने का सही तरीका

Related tags :
Comment here