नई दिल्ली | नवयुवक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत कात्यायन ने प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता करते हुये कहा कि देश संविधान से चलता है और छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान होना चाहिए। लेकिन छात्र आंदोलन के नाम पर चल रहे एजेंडा को पूरी ताकत के साथ बेपर्दा करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था आवश्यक है। हम छात्रों के साथ हैं लेकिन छात्रों के नाम पर देश की संसद के आसपास पनप रहीं अराजक आवाजों को दबाना भी युवाओं की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संगठन पिछले कुछ दिनों से सीजेपी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर नज़र रखे हुए था। उनके अनुसार, “संसद चलो” प्रदर्शन के दौरान सामने आए देशविरोधी वीडियो, तस्वीरों और बयानों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन में पत्रकारों, महिला पत्रकारों, महिलाओं, बच्चियों या 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार हुआ है, आंदोलन खत्म होने के बाद भी पुलिस को निशाना बनाया जा रहा हो तो उसकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं होनी चाहिए और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि देश सबसे पहले है।
भरत कात्यायन ने कहा कि आंदोलन के दौरान लगाए गए कुछ हिंदू विरोधी नारों, धार्मिक प्रतीकों पर की गई कथित टिप्पणियों, विभिन्न विवादित छात्र संगठनों एवं अन्य समूहों की कथित मौजूदगी और आंदोलन की दिशा को लेकर सार्वजनिक रूप से अनेक प्रश्न उठ रहे हैं। इस हिसाब से सीजेपी का आंदोलन अराजकता की तरफ बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके कि आंदोलन पूरी तरह छात्र हित तक सीमित था या उसमें अन्य राजनीतिक तत्व और देशविरोधी लोग भी सक्रिय थे।
उन्होंने यह भी मांग की कि आंदोलन के संगठन, वित्तीय स्रोतों तथा विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों की संभावित भूमिका की भी कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
भरत कात्यायन ने कहा कि नवयुवक दल छात्रों के हितों के साथ खड़ा है, लेकिन छात्रों के मुद्दों का उपयोग किसी भी प्रकार के राजनीतिक ध्रुवीकरण, हिंसा या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक के मामलों की त्वरित जांच हो, दोषियों को कठोर सजा मिले तथा 2024 के एंटी-पेपर लीक कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने आदर्श स्वयं चुनना जानता है। यदि कुछ संगठन छात्रों के आंदोलन के साथ राजनीतिक संदेश जोड़ रहे हैं, तो नवयुवक दल का जवाब सकारात्मक होगा। इसी उद्देश्य से 26 जुलाई, कारगिल विजय दिवस पर देशभर में कैंडल मार्च निकालकर कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
भरत कात्यायन ने कहा, “हम यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत के Gen Z के असली हीरो वे युवा सैनिक हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कैप्टन विक्रम बत्रा (24), कैप्टन मनोज कुमार पांडेय (24), कैप्टन अनुज नैय्यर (23), कैप्टन सौरभ कालिया (22), लेफ्टिनेंट विजयंत थापर (22), कैप्टन हनीफ उद्दीन (25), मेजर मरियप्पन सरवनन (26) और कारगिल के सभी 527 वीर हमारे युवाओं की प्रेरणा हैं।”
उन्होंने बताया कि दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और देशभर में नवयुवक दल के साथ मिलकर युवा साथी कैंडल मार्च निकालकर कारगिल वीरों को श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने देश के सभी युवा संगठनों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की।
भरत कात्यायन ने कहा कि यदि 26 जुलाई तक वर्तमान आंदोलन समाप्त नहीं होता, तो 29 जुलाई को लखनऊ में नवयुवक दल युवाओं के सहयोग से बड़ा लोकतांत्रिक प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को भटकने से बचाना, छात्र हितों की रक्षा करना और राष्ट्रहित के मुद्दों पर सकारात्मक जनजागरण करना है।
अंत में उन्होंने देश के सभी युवा संगठनों से आह्वान किया कि वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय एकता के लिए एकजुट होकर आगे आएं।

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