देश में एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच भारत सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ किया है कि साल 2003 में शुरू किया गया एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और इसकी लगातार निगरानी की जाती है।
सरकार के मुताबिक भारत ने तय समय से पहले ही E20 यानी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब देश इससे भी अधिक एथेनॉल ब्लेंडिंग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का कहना है कि यह पहल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय को मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है।
बता दें कि इस बीच सोशल मीडिया पर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर कई भ्रामक दावे भी वायरल हो रहे हैं।
सरकार ने कहा है कि कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को दोबारा शेयर कर लोगों में भ्रम और डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कार के फ्यूल टैंक के पास चींटियां जमा होती दिखाई गई थीं। दावा किया गया कि ऐसा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से हो रहा है। सरकार ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसे वीडियो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और केवल व्यूज हासिल करने के लिए शेयर किए जा रहे हैं।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।

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