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विश्व को शांति, करुणा और आध्यात्मिक मूल्यों की सर्वाधिक आवश्यकता- आचार्य लोकेश

गुरुग्राम | अहिंसा विश्व भारती द्वारा स्थापित विश्व शांति केंद्र, सेक्टर-39, गुरुग्राम में आध्यात्मिक चेतना, सद्भाव और विश्व शांति को समर्पित एक प्रेरणादायी संत समागम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विश्व शांतिदूत, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी के पावन सान्निध्य में विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं के पूज्य संतों ने सहभागिता कर मानवता, प्रेम और अहिंसा का संदेश दिया।

सिख आध्यात्मिक गुरु श्री त्रिलोचनदास जी, हरिद्वार स्थित जगदीश आश्रम के पूज्य स्वामी राम जी, राजस्थान के पूज्य स्वामी गोविंद राम जी तथा पूज्य स्वामी रामदास जी शास्त्री विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आचार्य लोकेश जी ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व को शांति, करुणा और आध्यात्मिक मूल्यों की सर्वाधिक आवश्यकता है। जब विभिन्न धर्मों और परंपराओं के संत एक मंच पर आकर मानवता के कल्याण का संकल्प लेते हैं, तब समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि “We Support Peace” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को शांति का सक्रिय दूत बनाने का जनआंदोलन है।

आचार्य लोकेश जी ने सभी संतों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व शांति केंद्र का उद्देश्य विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और विचारधाराओं के बीच संवाद, सहयोग और सहअस्तित्व की भावना को सशक्त बनाना है। उन्होंने सभी उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं से विश्व में शांति, अहिंसा और मानवीय मूल्यों के प्रसार हेतु मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

सिख आध्यात्मिक गुरु श्री त्रिलोचनदास जी ने आचार्य लोकेश जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे “We Support Peace” अभियान तथा विश्व शांति केंद्र की गतिविधियों की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उ

पूज्य स्वामी राम जी ने कहा कि आध्यात्मिक जागरण ही स्थायी शांति और मानव कल्याण का आधार है तथा सभी धर्मों का मूल संदेश प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता है।

पूज्य स्वामी गोविंद राम जी तथा पूज्य स्वामी रामदास जी शास्त्री ने कहा कि आचार्य लोकेश ने आध्यात्मिक जगत को शांति स्थापित करने की नई ऊर्जा दी है |

कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, सामाजिक समरसता एवं समस्त मानवता के कल्याण की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।

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