नई दिल्ली। एशियाई खेलों से पहले भारतीय निशानेबाजी से जुड़ी व्यवस्थाओं और कोचों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर चेन्नई में शूटिंग रेंज निर्माण के ठेके को लेकर एक वरिष्ठ राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर हितों के टकराव के आरोपों की भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) जांच कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ओलंपिक पदक विजेता विजय कुमार ने राष्ट्रीय कोचिंग पैनल में चयन नहीं होने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से हस्तक्षेप की मांग की है।
चेन्नई में करीब 15-16 करोड़ रुपये की लागत से पांच शॉटगन रेंज बनाए जाने की प्रस्तावित परियोजना को लेकर शिकायत सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित राष्ट्रीय शॉटगन कोच ने भी इस टेंडर के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद एक असफल बोलीदाता ने विजिलेंस में शिकायत की। SAI ने शिकायत की जांच के लिए अपने संबंधित विभागों और दिल्ली क्षेत्रीय निदेशक को मामला भेजा है।
मामले में NRAI ने कहा है कि उसे किसी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों अथवा किसी विजिलेंस जांच की जानकारी नहीं है। संघ के अनुसार एशियाई खेलों के तैयारी शिविर के लिए कोचों की सूची को SAI से आंशिक मंजूरी मिली है और वह आगे के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहा है। संबंधित शॉटगन कोच की ओर से भी इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी बीच लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता विजय कुमार ने राष्ट्रीय कोचिंग पैनल में चयन नहीं होने पर PMO से हस्तक्षेप की मांग की है। विजय कुमार के अनुसार उन्होंने NRAI की चयन समिति से अपने चयन नहीं होने का कारण जानने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। NRAI के एक अधिकारी ने हालांकि कहा कि आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू पैनल ने लिया था और चयन प्रक्रिया के तहत ही नियुक्तियां की गईं।
इन घटनाक्रमों के बीच भारतीय निशानेबाजी में कोचों की नियुक्ति, हितों के टकराव और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, संबंधित मामलों की जांच और चयन प्रक्रिया से जुड़े अंतिम निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
निशानेबाजी में घमासान, विजय कुमार पहुँचे PMO

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