गुरुग्राम/नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026, विश्व शांति, अहिंसा, धार्मिक सद्भाव, सामाजिक समरसता एवं मानवीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित संस्था अहिंसा विश्व भारती की गौरवशाली 20 वर्षों की सफल यात्रा के उपलक्ष्य में ‘शांति–सद्भावना वर्ष’ का भव्य शुभारम्भ समारोह विश्व शांति केंद्र, सेक्टर-39, गुरुग्राम में आयोजित हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्थापक आचार्य लोकेश जी के सन्निधि में उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह जी ने ‘शांति–सद्भावना वर्ष’ का विधिवत उद्घाटन किया।
समारोह में हरियाणा सरकार के माननीय मंत्री श्री राव नरबीर सिंह जी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता श्री श्याम जाजू जी, प्रसिद्ध उद्योगपति श्री निर्मल कुमार मिंडा जी, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. अजित गुप्ता जी सहित राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक एवं औद्योगिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की। समारोह में वक्ताओं ने विश्व शांति, अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता एवं सामाजिक समरसता के अहिंसा विश्व भारती के प्रयासों सराहना की।
अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज विश्व अनेक प्रकार के संघर्षों, हिंसा, वैचारिक मतभेदों और सामाजिक विभाजनों से गुजर रहा है। ऐसे समय में भगवान महावीर का अहिंसा, अनेकांतवाद, करुणा और विश्व मैत्री का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
आचार्यश्री ने कहा कि अहिंसा विश्व भारती की दो दशकों की यात्रा समाज में अहिंसा, नैतिकता, धार्मिक सद्भाव और मानवीय एकता को सशक्त बनाने के संकल्प को समर्पित रही है। विश्व शांति केंद्र इसी विचारधारा का साकार स्वरूप है, जहां विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और विचारधाराओं के लोगों को संवाद, सहयोग और शांति के साझा मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘शांति–सद्भावना वर्ष’ केवल एक समारोह नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र को शांति, सद्भावना, मानव कल्याण के लिए सक्रिय रूप से जोड़ने का अभियान है।
उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह जी ने ‘शांति–सद्भावना वर्ष’ के शुभारम्भ पर अहिंसा विश्व भारती को बधाई देते हुए कहा कि शांति, सद्भावना, अनुशासन और मानवीय मूल्यों से ही सशक्त समाज एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विकास और प्रगति के साथ-साथ समाज में आपसी विश्वास, संवेदनशीलता, नैतिकता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संस्थाएं समाज को सही दिशा देने, लोगों को नैतिक मूल्यों से जोड़ने और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पूज्य आचार्य लोकेश जी के नेतृत्व मे अहिंसा विश्व भारती द्वारा पिछले 20 वर्षों से शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘शांति–सद्भावना वर्ष’ के माध्यम से यह अभियान और व्यापक होगा तथा समाज के विभिन्न वर्गों को मानवता और विश्व शांति के साझा उद्देश्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल ने डॉ.अजित गुप्ता को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड तथा श्री निर्मल कुमार मिंडा, श्री बिष्णु कुमार सुरेका, श्री गौतम कनोरिया को समाज सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया।
प्रख्यात समाज सेवी डॉ. अजित गुप्ता एवं प्रख्यात उद्योगपति श्री निर्मल कुमार मिंडा ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं को समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने अहिंसा विश्व भारती की 20 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्व शांति एवं सामाजिक सौहार्द के लिए सरकार, समाज, आध्यात्मिक संस्थाओं और उद्योग जगत को मिलकर कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर दिल्ली चैप्टर के चेयरमैन श्री संकल्प शुक्ला, फरीदाबाद चैप्टरके चेयरमैन अधिवक्ता अंजू जैन, अमेरिका चैप्टर के चेयरमैन श्री अनिल मोंगा ने अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण श्री भाविन कामदार एवं आभार ज्ञापन सुश्री तारकेश्वरी मिश्रा ने दिया।कार्यक्रम का संचालन वीरचक्र विजेता कर्नल टी पी त्यागी ने किया

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